पदच्छेदः
| शुश्रूषमाणम् | शुश्रूषमाण (√शुश्रूष् + शानच्, २.१) |
| एकाग्रम् | एकाग्र (२.१) |
| इदं | इदम् (२.१) |
| वचनम् | वचन (२.१) |
| अब्रवीत् | अब्रवीत् (√ब्रू लङ् प्र.पु. एक.) |
| ऐणेयं | ऐणेय (२.१) |
| मांसम् | मांस (२.१) |
| आहृत्य | आहृत्य (√आ-हृ + ल्यप्) |
| शालां | शाला (२.१) |
| यक्ष्यामहे | यक्ष्यामहे (√यज् लृट् उ.पु. द्वि.) |
| वयम् | मद् (१.३) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| शु | श्रू | ष | मा | ण | मे | का | ग्र |
| मि | दं | व | च | न | म | ब्र | वीत् |
| ऐ | णे | यं | मां | स | मा | हृ | त्य |
| शा | लां | य | क्ष्या | म | हे | व | यम् |