अन्वयः
द्विजः bird, रामस्य Rama's, वचनम् word, श्रुत्वा hearing, सर्वभूतसमुद्भवम् the origin of all beings, कुलम् family, आत्मानमेव च about his own family, तस्मै to him, आचचक्षे started narrating.
M N Dutt
Hearing Rama's words, he mentioned his own lineage, and related the origin of all beings.
Summary
On hearing Rama's words, the bird started narrating the origin of all beings including his own family:
पदच्छेदः
| रामस्य | राम (६.१) |
| वचनं | वचन (२.१) |
| श्रुत्वा | श्रुत्वा (√श्रु + क्त्वा) |
| कुलम् | कुल (२.१) |
| आत्मानम् | आत्मन् (२.१) |
| एव | एव (अव्ययः) |
| च | च (अव्ययः) |
| आचचक्षे | आचचक्षे (√आ-चक्ष् लिट् प्र.पु. एक.) |
| द्विजस् | द्विज (१.१) |
| तस्मै | तद् (४.१) |
| सर्वभूतसमुद्भवम् | सर्व–भूत–समुद्भव (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| रा | म | स्य | व | च | नं | श्रु | त्वा |
| कु | ल | मा | त्मा | न | मे | व | च |
| आ | च | च | क्षे | द्वि | ज | स्त | स्मै |
| स | र्व | भू | त | स | मु | द्भ | वम् |