अन्वयः
वराङ्गना beautiful lady, सुसन्त्रस्ता terribly frightened, काकुत्स्थ O Rama, लक्ष्मण O Lakshmana, अद्य and now, माम् me, त्राहि save, इति thus, अन्तिके close by, शृण्वतां यथा as if listening to her, समाक्रन्दत् cried bitterly.
M N Dutt
O Kākutstha, O Laksmana, save me! Thus did that best of females, afflicted with fear, bewail; and those near (her) heard her lamentations.
Summary
Terribly frightened, the beautiful lady (Sita) cried bitterly, 'O Rama, O Lakshmana, save me', as if they were close by and were listening to her.
पदच्छेदः
| त्राहि | त्राहि (√त्रा लोट् म.पु. ) |
| माम् | मद् (२.१) |
| अद्य | अद्य (अव्ययः) |
| काकुत्स्थ | काकुत्स्थ (८.१) |
| लक्ष्मणेति | लक्ष्मण (८.१)–इति (अव्ययः) |
| वराङ्गना | वर–अङ्गना (१.१) |
| सुसंत्रस्ता | सु (अव्ययः)–संत्रस्त (√सम्-त्रस् + क्त, १.१) |
| समाक्रन्दच् | समाक्रन्दत् (√समा-क्रन्द् लङ् प्र.पु. एक.) |
| छृण्वतां | शृण्वत् (√श्रु + शतृ, ६.३) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| यथान्तिके | यथा (अव्ययः)–अन्तिक (७.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त्रा | हि | मा | म | द्य | का | कु | त्स्थ |
| ल | क्ष्म | णे | ति | व | रा | ङ्ग | ना |
| सु | सं | त्र | स्ता | स | मा | क्र | न्द |
| च्छृ | ण्व | तां | तु | य | था | न्ति | के |