अन्वयः
कमलेक्षणे O lotuseyed, प्रिये dear, दूरे to a distance, किम् why, धावसि you are running, दृष्टा seen, असि you, आत्मानम् yourself, वृक्षैः with trees, आच्छाद्य covering, माम् me, किम् why, न प्रतिभाषसे not replying.
Summary
O lotus eyed darling, why are you running away? I have already seen you. Why are you hiding behind trees and not replying to me?
पदच्छेदः
| किं | क (२.१) |
| धावसि | धावसि (√धाव् लट् म.पु. ) |
| प्रिये | प्रिय (८.१) |
| नूनं | नूनम् (अव्ययः) |
| दृष्टासि | दृष्ट (√दृश् + क्त, १.१)–असि (√अस् लट् म.पु. ) |
| कमलेक्षणे | कमल–ईक्षण (८.१) |
| वृक्षेणाच्छाद्य | वृक्ष (३.१)–आच्छाद्य (√आ-छादय् + ल्यप्) |
| चात्मानं | च (अव्ययः)–आत्मन् (२.१) |
| किं | क (२.१) |
| मां | मद् (२.१) |
| न | न (अव्ययः) |
| प्रतिभाषसे | प्रतिभाषसे (√प्रति-भाष् लट् म.पु. ) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| किं | धा | व | सि | प्रि | ये | नू | नं |
| दृ | ष्टा | सि | क | म | ले | क्ष | णे |
| वृ | क्षे | णा | च्छा | द्य | चा | त्मा | नं |
| किं | मां | न | प्र | ति | भा | ष | से |