स्वल्पं हि कृतमिन्द्रेण क्षिपता ह्यशनिं पुरा ।
लक्ष्मणो निशितैर्बाणैर्भिन्द्यात्पत्रपुटं यथा ।
लक्ष्मणस्य च नाराचा बहवः सन्ति तद्विधाः ॥
स्वल्पं हि कृतमिन्द्रेण क्षिपता ह्यशनिं पुरा ।
लक्ष्मणो निशितैर्बाणैर्भिन्द्यात्पत्रपुटं यथा ।
लक्ष्मणस्य च नाराचा बहवः सन्ति तद्विधाः ॥
अन्वयः
पुरा earlier, अशनिम् a thunderbolt, क्षिपता by throwing, इन्द्रेण by Indra, स्वल्पम् a little, कृतं हि has done, लक्ष्मणः Lakshmana, निशितै: with sharp ones, बाणैः with arrows, पत्रपुटम् यथा like tearing a leaf cup, भिन्द्यात् he can shatter.M N Dutt
Formerly this was cleft a little by Indra, with his thunderbolt hurled (against it);* but now Lakṣmaṇa would pierce it like a leaf-stalk, by means of his keen arrows. *The commentator interprets the passage differently: Formerly Indra did a little damage herein-i.e. merely slew Maya, the architect of the mansion. This is ingenuity. I give the plain sense.Summary
'In the past Indra had done a small damage (to the cave) with his thunderbolt. But with his sharp arrows Lakshmana will shatter the cave easily as though it is a leaf cup.पदच्छेदः
| स्वल्पं | सु (अव्ययः)–अल्प (१.१) |
| हि | हि (अव्ययः) |
| कृतम् | कृत (√कृ + क्त, १.१) |
| इन्द्रेण | इन्द्र (३.१) |
| क्षिपता | क्षिपत् (√क्षिप् + शतृ, ३.१) |
| ह्य् | हि (अव्ययः) |
| अशनिं | अशनि (२.१) |
| पुरा | पुरा (अव्ययः) |
| लक्ष्मणो | लक्ष्मण (१.१) |
| निशितैर् | निशित (√नि-शा + क्त, ३.३) |
| बाणैर् | बाण (३.३) |
| भिन्द्यात् | भिन्द्यात् (√भिद् विधिलिङ् प्र.पु. एक.) |
| पत्त्रपुटं | पत्त्र–पुट (२.१) |
| यथा | यथा (अव्ययः) |
| लक्ष्मणस्य | लक्ष्मण (६.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| नाराचा | नाराच (१.३) |
| बहवः | बहु (१.३) |
| सन्ति | सन्ति (√अस् लट् प्र.पु. बहु.) |
| तद्विधाः | तद्विध (१.३) |
छन्दः
उपजातिः [११]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स्व | ल्पं | हि | कृ | त | मि | न्द्रे | ण | क्षि | प | ता | ह्य |
| श | निं | पु | रा | ल | क्ष्म | णो | नि | शि | तै | र्बा | णै |
| र्भि | न्द्या | त्प | त्र | पु | टं | य | था | ल | क्ष्म | ण | स्य |
| च | ना | रा | चा | ब | ह | वः | स | न्ति | त | द्वि | धाः |