अन्वयः
कलत्रनिरपेक्ष्षैः no regard towards wife, अस्य his, दारुणैः harsh, इङ्गितैः gestures, राघवम् Raghava, सीतायाम् at Sita, अप्रीतम् displeased, तर्कयन्तिस्म discussed
Summary
Seeing Rama having no regard towards Sita, and his harsh gestures, Lakshmana and Sugriva discussed if Rama was displeased with Sita?
पदच्छेदः
| कलत्रनिरपेक्षैश्च | कलत्र–निरपेक्ष (३.३)–च (अव्ययः) |
| इङ्गितैर् | इङ्गित (३.३) |
| अस्य | इदम् (६.१) |
| दारुणैः | दारुण (३.३) |
| अप्रीतम् | अप्रीत (२.१) |
| इव | इव (अव्ययः) |
| सीतायां | सीता (७.१) |
| तर्कयन्ति | तर्कयन्ति (√तर्कय् लट् प्र.पु. बहु.) |
| स्म | स्म (अव्ययः) |
| राघवम् | राघव (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| क | ल | त्र | नि | र | पे | क्षै | श्च |
| इ | ङ्गि | तै | र | स्य | दा | रु | णैः |
| अ | प्री | त | मि | व | सी | ता | यां |
| त | र्क | य | न्ति | स्म | रा | घ | वम् |