अन्वयः
कार्यसिद्धिम् to achieve success, पुरस्कृत्य preparing, विनिर्णये determining duty, मन्त्रयध्वम् , अत्र there, राक्षसाधिपः Rakshasa king, रावणः Ravana, नित्यम् ever, सन्निहितःहि present here.
M N Dutt
Let us, keeping before us success in the enterprise, consult together for the purpose of arriving at a decision.
Summary
"Rakshasa king Ravana is ever present here. Prepare yourself to achieve success in the mission and determine your duty."
पदच्छेदः
| कार्यसिद्धिं | कार्य–सिद्धि (२.१) |
| पुरस्कृत्य | पुरस्कृत्य (√पुरस्-कृ + ल्यप्) |
| मन्त्रयध्वं | मन्त्रयध्वम् (√मन्त्रय् लोट् म.पु. द्वि.) |
| विनिर्णये | विनिर्णय (७.१) |
| नित्यं | नित्यम् (अव्ययः) |
| संनिहितो | संनिहित (√संनि-धा + क्त, १.१) |
| ह्यत्र | हि (अव्ययः)–अत्र (अव्ययः) |
| रावणो | रावण (१.१) |
| राक्षसाधिपः | राक्षस–अधिप (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| का | र्य | सि | द्धिं | पु | र | स्कृ | त्य |
| म | न्त्र | य | ध्वं | वि | नि | र्ण | ये |
| नि | त्यं | सं | नि | हि | तो | ह्य | त्र |
| रा | व | णो | रा | क्ष | सा | धि | पः |