अन्वयः
जलक्लिन्नेन with water, हस्तेन in hand, तयोः their, नेत्रे eyes, प्रमृज्यच cleaned, शोकसम्पीडितमनाः tormented with pain, रुरोद aloud, विललापच cried.
M N Dutt
Washing their eyes with water, he, with his mind overpowered with grief, began to weep and broke out into lamentation.
Summary
Vibheeshana, wetting his hands with water cleaned the eyes of Rama and Lakshmana. Tormented with pain he cried aloud.
पदच्छेदः
| जलक्लिन्नेन | जल–क्लिन्न (√क्लिद् + क्त, ३.१) |
| हस्तेन | हस्त (३.१) |
| तयोर् | तद् (७.२) |
| नेत्रे | नेत्र (२.२) |
| प्रमृज्य | प्रमृज्य (√प्र-मृज् + ल्यप्) |
| च | च (अव्ययः) |
| शोकसंपीडितमना | शोक–संपीडित (√सम्-पीडय् + क्त)–मनस् (१.१) |
| रुरोद | रुरोद (√रुद् लिट् प्र.पु. एक.) |
| विललाप | विललाप (√वि-लप् लिट् प्र.पु. एक.) |
| च | च (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ज | ल | क्लि | न्ने | न | ह | स्ते | न |
| त | यो | र्ने | त्रे | प्र | मृ | ज्य | च |
| शो | क | सं | पी | डि | त | म | ना |
| रु | रो | द | वि | ल | ला | प | च |