अन्वयः
दुष्कृतकर्मणः those who do sinful deeds, निरयेषु unobstructed, पतनमेव fall down, यथा so also, पापस्य by the sinful, कर्मणः action, फलम् fruit, त्वाम् you, शीघ्रम् quickly, उपेतंखलु come upon you.
M N Dutt
Even as a sinner reaps perdition, verily has the fruit of your unrighteous act found you.
Summary
"Those who do sinful deeds fall unobstructed so also the fruit of your sinful action has come upon you."
पदच्छेदः
| शीघ्रं | शीघ्रम् (अव्ययः) |
| खल्वभ्युपेतं | खलु (अव्ययः)–अभ्युपेत (√अभ्युप-इ + क्त, १.१) |
| त्वां | त्वद् (२.१) |
| फलं | फल (१.१) |
| पापस्य | पाप (६.१) |
| कर्मणः | कर्मन् (६.१) |
| निरयेष्वेव | निरय (७.३)–एव (अव्ययः) |
| पतनं | पतन (१.१) |
| यथा | यथा (अव्ययः) |
| दुष्कृतकर्मणः | दुष्कृत–कर्मन् (६.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| शी | घ्रं | ख | ल्व | भ्यु | पे | तं | त्वां |
| फ | लं | पा | प | स्य | क | र्म | णः |
| नि | र | ये | ष्वे | व | प | त | नं |
| य | था | दु | ष्कृ | त | क | र्म | णः |