तस्मिन्हते देवरिपौ त्रिशीर्षे; हनूमत शक्रपराक्रमेण ।
नेदुः प्लवंगाः प्रचचाल भूमी; रक्षांस्यथो दुद्रुविरे समन्तात् ॥
तस्मिन्हते देवरिपौ त्रिशीर्षे; हनूमत शक्रपराक्रमेण ।
नेदुः प्लवंगाः प्रचचाल भूमी; रक्षांस्यथो दुद्रुविरे समन्तात् ॥
अन्वयः
देवरिपौ enemy of gods, तस्मिन् his, त्रिशीर्षे Trisira's, शक्रपराक्रमेण endowed with the prowess of Indra, हनूमता Hanuman, हते killed, प्लवंगाः monkeys, नेदुः roared, भूमिः earth, प्रचचाल shook, अथो and, रक्षांसि Rakshasas, समन्तात् in all sides, दुद्रुविरे took to their heels.M N Dutt
On Trisiras, enemy of the immortals-having been slain by Hanuman endowed with the prowess itself of Sakra, the monkeys shouted, the earth shook, and the Rākṣas began to fly on all sides.Summary
Trisira, the enemy of gods, endowed with the prowess of Indra got killed by Hanuman. The earth shook, the monkeys roared and the Rakshasas from all sides took to their heels.पदच्छेदः
| तस्मिन् | तद् (७.१) |
| हते | हत (√हन् + क्त, ७.१) |
| देवरिपौ | देव–रिपु (७.१) |
| त्रिशीर्षे | त्रिशीर्ष (७.१) |
| हनूमता | हनुमन्त् (३.१) |
| शक्रपराक्रमेण | शक्र–पराक्रम (३.१) |
| नेदुः | नेदुः (√नद् लिट् प्र.पु. बहु.) |
| प्लवंगाः | प्लवंग (१.३) |
| प्रचचाल | प्रचचाल (√प्र-चल् लिट् प्र.पु. एक.) |
| भूमी | भूमि (१.१) |
| रक्षांस्यथो | रक्षस् (१.३)–अथो (अव्ययः) |
| दुद्रुविरे | दुद्रुविरे (√द्रु लिट् प्र.पु. बहु.) |
| समन्तात् | समन्तात् (अव्ययः) |
छन्दः
उपजातिः [११]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त | स्मि | न्ह | ते | दे | व | रि | पौ | त्रि | शी | र्षे |
| ह | नू | म | त | श | क्र | प | रा | क्र | मे | ण |
| ने | दुः | प्ल | वं | गाः | प्र | च | चा | ल | भू | मी |
| र | क्षां | स्य | थो | दु | द्रु | वि | रे | स | म | न्तात् |