अन्वयः
शुभेक्षणम् auspicious eyes, वक्त्रम् countenance, यस्स्वैतध्बाति whose is shining, कुण्डलाभ्याम् both ear rings, पुनर्वस्वन्तरगतः between Punarvasu stars, पूर्णंबिंबमिवैंदवम् like the full moon.
M N Dutt
With his pair of ear-rings, his charming yet terrific countenance shine like the full Moon entering into Punarvasu.* *The seventh lunar asterism.
Summary
"He who shines like the full moon between two Punarvasu stars, his auspicious eyes and countenance shines with both earrings."
पदच्छेदः
| कुण्डलाभ्यां | कुण्डल (३.२) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| यस्यैतद् | यद् (६.१)–एतद् (१.१) |
| भाति | भाति (√भा लट् प्र.पु. एक.) |
| वक्त्रं | वक्त्र (१.१) |
| शुभेक्षणम् | शुभ–ईक्षण (१.१) |
| पुनर्वस्वन्तरगतं | पुनर्वसु–अन्तर–गत (√गम् + क्त, १.१) |
| पूर्णबिम्बम् | पूर्ण–बिम्ब (१.१) |
| इवैन्दवम् | इव (अव्ययः)–ऐन्दव (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| कु | ण्ड | ला | भ्यां | तु | य | स्यै | त |
| द्भा | ति | व | क्त्रं | शु | भे | क्ष | णम् |
| पु | न | र्व | स्व | न्त | र | ग | तं |
| पू | र्ण | बि | म्ब | मि | वै | न्द | वम् |