अन्वयः
विभीषणः Vibheeshana, विषण्णवदनम् pale faced, रावणात्मजे Ravana's son, राक्षसम् Rakshasa, दृष्टवा seeing, युद्धसंयुक्तम् ready for combat, सौमित्रिम् to Saumithri, प्रत्युवाच replied
M N Dutt
Then Vibhīşaņa spoke to Sumitrā's son as he was fighting, “I find (inauspicious) signs in Rāvana's son.
Summary
Seeing Ravana's son, pale faced, Vibheeshana replied as follows to Saumithri who was ready for combat.
पदच्छेदः
| तं | तद् (२.१) |
| विषण्णमुखं | विषण्ण (√वि-सद् + क्त)–मुख (२.१) |
| दृष्ट्वा | दृष्ट्वा (√दृश् + क्त्वा) |
| राक्षसं | राक्षस (२.१) |
| रावणात्मजम् | रावण–आत्मज (२.१) |
| सौमित्रिं | सौमित्रि (२.१) |
| युद्धसंसक्तं | युद्ध (√युध् + क्त)–संसक्त (√सम्-सञ्ज् + क्त, २.१) |
| प्रत्युवाच | प्रत्युवाच (√प्रति-वच् लिट् प्र.पु. एक.) |
| विभीषणः | विभीषण (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| तं | वि | ष | ण्ण | मु | खं | दृ | ष्ट्वा |
| रा | क्ष | सं | रा | व | णा | त्म | जम् |
| सौ | मि | त्रिं | यु | द्ध | सं | स | क्तं |
| प्र | त्यु | वा | च | वि | भी | ष | णः |