अन्वयः
रामरावणमुक्तानाम् loosed by Rama and Ravana, शराणां च by the arrows, शराणां च and arrows, अन्योन्यम् one another, अभिनिघ्नताम् clashing with each other, तुमुलः loud, स्वनः sound, बभूव arose
M N Dutt
There arose a tremendous uproar of mighty arrows discharged by Rama and Ravana, smiting one another.
Summary
By the arrows loosed by Rama and Ravana on one another clashing with each other, a loud sound arose.
पदच्छेदः
| रामरावणमुक्तानाम् | राम–रावण–मुक्त (√मुच् + क्त, ६.३) |
| अन्योन्यम् | अन्योन्य (२.१) |
| अभिनिघ्नताम् | अभिनिघ्नत् (√अभिनि-हन् + शतृ, ६.३) |
| शराणां | शर (६.३) |
| च | च (अव्ययः) |
| शराणां | शर (६.३) |
| च | च (अव्ययः) |
| बभूव | बभूव (√भू लिट् प्र.पु. एक.) |
| तुमुलः | तुमुल (१.१) |
| स्वनः | स्वन (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| रा | म | रा | व | ण | मु | क्ता | ना |
| म | न्यो | न्य | म | भि | नि | घ्न | ताम् |
| श | रा | णां | च | श | रा | णां | च |
| ब | भू | व | तु | मु | लः | स्व | नः |