M N Dutt
Be not afraid, O you celestials; do not fly away; come back to the battle; this my son, who has never been vanquished, goes to battle.
पदच्छेदः
| न | न (अव्ययः) |
| भेतव्यं | भेतव्य (√भी + कृत्, १.१) |
| न | न (अव्ययः) |
| गन्तव्यं | गन्तव्य (√गम् + कृत्, १.१) |
| निवर्तध्वं | निवर्तध्वम् (√नि-वृत् लोट् म.पु. द्वि.) |
| रणं | रण (२.१) |
| प्रति | प्रति (अव्ययः) |
| एष | एतद् (१.१) |
| गच्छति | गच्छति (√गम् लट् प्र.पु. एक.) |
| मे | मद् (६.१) |
| पुत्रो | पुत्र (१.१) |
| युद्धार्थम् | युद्ध–अर्थ (२.१) |
| अपराजितः | अपराजित (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| न | भे | त | व्यं | न | ग | न्त | व्यं |
| नि | व | र्त | ध्वं | र | णं | प्र | ति |
| ए | ष | ग | च्छ | ति | मे | पु | त्रो |
| यु | द्धा | र्थ | म | प | रा | जि | तः |