M N Dutt
In this way they spent more than a month—but it appeared to them as a moment on account of their devotion to Rāma.
पदच्छेदः
| एवं | एवम् (अव्ययः) |
| तेषां | तद् (६.३) |
| निवसतां | निवसत् (√नि-वस् + शतृ, ६.३) |
| मासः | मास (१.१) |
| साग्रो | साग्र (१.१) |
| गतस्तदा | गत (√गम् + क्त, १.१)–तदा (अव्ययः) |
| मुहूर्तम् | मुहूर्त (१.१) |
| इव | इव (अव्ययः) |
| तत् | तद् (२.१) |
| सर्वं | सर्व (२.१) |
| रामभक्त्या | राम–भक्ति (३.१) |
| समर्थयन् | समर्थयन् (√सम्-अर्थय् लङ् प्र.पु. बहु.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ए | वं | ते | षां | नि | व | स | तां |
| मा | सः | सा | ग्रो | ग | त | स्त | दा |
| मु | हू | र्त | मि | व | त | त्स | र्वं |
| रा | म | भ | क्त्या | स | म | र्थ | यन् |