M N Dutt
Having said this, Rāma took off from his neck a chain 'set with sapphires brilliant as the rays of the moon and placed it round the neck of Hanuman.
पदच्छेदः
| ततो | ततस् (अव्ययः) |
| ऽस्य | इदम् (६.१) |
| हारं | हार (२.१) |
| चन्द्राभं | चन्द्र–आभ (२.१) |
| मुच्य | मुच्य (√मुच् + क्त्वा) |
| कण्ठात् | कण्ठ (५.१) |
| स | तद् (१.१) |
| राघवः | राघव (१.१) |
| वैदूर्यतरलं | वैडूर्य–तरल (२.१) |
| स्नेहाद् | स्नेह (५.१) |
| आबबन्धे | आबबन्धे (√आ-बन्ध् लिट् प्र.पु. एक.) |
| हनूमति | हनुमन्त् (७.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | तो | ऽस्य | हा | रं | च | न्द्रा | भं |
| मु | च्य | क | ण्ठा | त्स | रा | घ | वः |
| वै | दू | र्य | त | र | लं | स्ने | हा |
| दा | ब | ब | न्धे | ह | नू | म | ति |