M N Dutt
O foremost of men, for the preservation of earth, you have given vent to words, without any hesitation, pregnant with manliness and piety.पदच्छेदः
| इदं | इदम् (१.१) |
| वचनम् | वचन (१.१) |
| अक्लीबं | अक्लीब (१.१) |
| त्वया | त्वद् (३.१) |
| धर्मसमाहितम् | धर्म–समाहित (√समा-धा + क्त, १.१) |
| व्याहृतं | व्याहृत (√व्या-हृ + क्त, १.१) |
| पुरुषव्याघ्र | पुरुष–व्याघ्र (८.१) |
| पृथिव्याः | पृथिवी (६.१) |
| परिपालनम् | परिपालन (१.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| इ | दं | व | च | न | म | क्ली | बं |
| त्व | या | ध | र्म | स | मा | हि | तम् |
| व्या | हृ | तं | पु | रु | ष | व्या | घ्र |
| पृ | थि | व्याः | प | रि | पा | ल | नम् |